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बाबा तल्लीनाथ जी, इलोजी, देव बाबा, रूपनाथ जी या झरड़ा जी (baba Tallinath ji, Iloji, Dev baba, Rupnaathji, Jharadaji) लोक देवताओं का इतिहास (lok devtaon ka itihas) व महत्वपूर्ण प्रश्न

बाबा तल्लीनाथ जी

  • पिता - वीरमदेव
  • वास्तविक नाम - गांगदेव राठौड़
  • उपनाम – ओरण के देवता
  • धार्मिक मान्यता से पशुओं के चरने के लिए जो स्थान रिक्त छोड़ा जाता है, उसे ओरण कहते हैं।
  • गुरु – जलंधरनाथ 
  • प्रमुख पूजा स्थल - पाँचोटा गाँव, जालोर 
  • पाँचोटा गाँव के निकट पंचमुखी पहाड़ी के बीच घोड़े पर सवार बाबा तल्लीनाथ जी की मूर्ति स्थापित है।
  • मंडोर के राजा राव चूंडा राठौड़ के भाई थे।
  • तल्लीनाथ जी ने शेरगढ़ पर राज किया।
  • जहरीले जीव के काटने पर तल्लीनाथ की पूजा की जाती है।
  • जालोर के प्रसिद्ध लोकदेवता।

इलोजी- 

  • ये ‘छेड़छाड़ वाले अनोखे देवता’ के रूप में प्रसिद्ध है।
  • इलोजी की पूजा मारवाड़ में होली के अवसर पर की जाती है तथा इनकी मूर्ति आदमकद नग्न अवस्था में होती है।- 
  • बाड़मेर की पत्थर होली में ईलोजी की बारात भी निकाली जाती है।

देव बाबा

  • प्रमुख मंदिर - नगला जहाज गाँव (भरतपुर) 
  • मेला - भाद्रपद शुक्ल पंचमी व चैत्र शुक्ल पंचमी को मेला भरता है।
  • उपनाम - देवबाबा ग्वालों के पालनहार, कष्ट निवारक देवता व पशु चिकित्सक आदि। 

रूपनाथ जी या झरड़ा जी

  • जन्म स्थान- कोलूमण्ड, जोधपुर 
  • ये पाबूजी के भतीजे तथा बूढ़ो जी राठौड़ के पुत्र थे।
  • इन्हें हिमाचल प्रदेश में बालकनाथ के रूप में पूजा जाता है।
  • इन्होंने पाबूजी की मृत्यु का बदला जींदराव खींची को मारकर लिया।
  • प्रमुख पूजा स्थल- 
    • कोलूमण्ड गाँव (जोधपुर)
    • सिंभूदड़ा, नौखा (बीकानेर)
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