माइक्रोसॉफ्ट एक्सेल (Microsoft Excel) Part - I

माइक्रोसॉफ्ट एक्सेल (Microsoft Excel) Part - I
  • MS Excel एक इलेक्ट्रॉनिक स्प्रेडशीट है, जो डाटा को enter करने उसका विश्लेषण करने और डाटा को बेहतर ढंग पेश करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। 
  • यह एक इलेक्ट्रॉनिक पैड की तरह काम करने वाला प्रोग्राम है जो गणित मुश्किल से मुश्किल कामों को आसानी से पूरा कर देता है।

स्प्रेडशीट (Spreadsheet)- 

  • यह एक तरह से अकाउंटिंग का बहीखाता होता है जिसमें रो और कॉलम होते हैं। 
  • इसमें आसान से लेकर जटिल गणितीय कार्यों की जाँच की जाती है। 
  • स्प्रेडशीट मे रो और कॉलम में न्यूमेरिकल (संख्या) और टेक्स्ट (अक्षर) संबंधी डाटा भरे जाते हैं। 
  • स्प्रेडशीट यह सॉफ्टवेयर टूल है जिसका इस्तेमाल संख्याओं के विश्लेषण, रिकॉर्ड, सूचनाएँ व्यवस्थित करने, रिपोर्ट एवं प्रेजेन्टेशन तैयार करने के लिए किया जाता है। 
  • यह सांख्यिकीय विश्लेषण की एक तकनीक है। 
  • स्प्रेडशीट रॉज (Rows) तथा कॉलम्स से बनी होती है। 
  • Rows समतल पंक्तियों (Horizontal lines) को तथा कॉलम्स (Columns) लम्बवत पंक्तियों (Vertical lines) को कहते हैं। 
  • रो तथा कॉलम के मेल से बने आयताकार बॉक्स को सेल (Cell) कहते हैं। 
  • किसी सेल की पहचान उसके कॉलम के अक्षर और रो की संख्या द्वारा होती है, जैसे यदि किसी सेल का कॉलम 'E' है और रो 5 है तो वह 'E5' सेल एड्रेस कहलायेगा। 
  • किसी भी सेल में टैक्स्ट, संख्या या गणितीय सूत्र (mathematical formulas) की प्रविष्टि की जा सकती है।
  • सेल में प्रविष्ट (Enter) होने वाले शीर्षकों को Labels (लेबल्स) कहा जाता है। 
  • Values (वैल्यूज) वे नम्बर होते हैं जिन पर गणना की जा सकती है। 
  • Formulas और फंक्शन्स (Functions) की सहायता से डाटा की गणना अधिक आसानी से की जा सकती है।
  • स्प्रेडशीट एक यूटिलिटी सॉफ्टवेयर पैकेज है जिसमें एक बार सूत्र (Formula) का निर्धारण करने के बाद स्वतः गणना होती रहती है। 
  • इलेक्ट्रॉनिक स्प्रेडशीट के उदाहरण हैं-
    1. लोटस 1-23,
    2. Quatpro, 
    3. VPP. 
  • MS Excel आमतौर पर सर्वाधिक उपयोग किया जाने वाला स्प्रेडशीट है जिसमें गणना, ग्राफिंग (Graphing) के टूल (tool) और एक मैक्रो प्रोग्रामिंग लैंग्वेज होती है जिसे VBA (Visual Basic for Application) कहते हैं ।
  • एक्सेल के प्रत्येक फाइल को वर्कबुक ( workbook) के नाम से जाना जाता है। 
  • किसी भी वर्कबुक के अन्तर्गत अनेकों वर्कशीट (worksheet) हो सकते हैं। 
  • किसी वर्कशीट को 'कॉलम्स' (columns)तथा 'रोस' (rows) से निर्मित जाली (grid) से समझा जा सकता है। प्रत्येक कॉलम को अंग्रेजी के अक्षर से प्रदर्शित किया जाता है जबकि रो को संख्या से।

नयी वर्कशीट जोड़ना व वर्कशीट का नाम बदलना
(Adding and Renaming Worksheets)

स्टेटसबार के ठीक ऊपर स्थित किसी भी वर्कशीट को क्लिक कर के उसमें जाया जा सकता है। डिफॉल्ट तौर पर एक्सेल में तीन वर्कशीट पहले से ही बनी होती है। नयी वर्कशीट बनाने के लिये Insert | Worksheet का चयन करें। वर्कशीट का नाम बदलने के लिये उसके नाम वाले टैब पर right click करें और Rename को चुन कर नया नाम टाइप कर के Enter कुंजी दबा दें। 

टूलबार (Toolbar )

एक्सेल वर्कबुक के ऊपरी हिस्से में मेन्यू बार के ठीक नीचे टूलबार स्थित होता है जिसकी सहायता से शीघ्रतापूर्वक एक्सेल कमाण्डस को लागू किया जा सकता है। 

New (Ctrl+N)

इसके द्वारा एक नई फाइल ओपन की जाती है । एम एस एक्सेल में नई फाइल को नई वर्कबुक कहा जाता है जिसमें कार्य करने हेतु विभिन्न शीट होती है। एक शीट में 65536 रो तथा 256 कॉलम होते है। एक चौकोर बॉक्स को सेल कहा जाता है। 

Open (Ctrl+O)

इसके द्वारा कम्प्यूटर की स्थायी मैमोरी (जैसे हार्ड डिस्क, सीडी, पेन ड्राइव, फ्लॉपी ड्राइव , ) में पहले से बनी वर्कबुक (फाइल) को ओपन किया जाता है।

Close (Ctrl+W)

इस ऑप्शन के द्वारा खुली हुई वर्कबुक को बंद किया जाता है । 

Save (Ctrl+S)

इसके द्वारा किसी नई वर्कबुक में कार्य करके उसमें किये गये कार्य को किसी नाम से या किसी पुरानी फाइल में किये गये कार्य को कम्प्यूटर की स्थाई मेमोरी (हार्ड डिस्क, फ्लापी डिस्क या पेन ड्राइव ) में स्थायी रूप से सेव किया जाता हैं। 

Save As (F12)

इसके द्वारा फाइल को एक दूसरे नाम से सेव किया जा सकता है । साथ ही उपर सेव ऑप्शन के लिये लिखे गये सभी कार्य भी किये जा सकते है।

Page Setup

इस ऑप्शन की मदद से पेज की साईज, उसका ओरिएन्टेशन (घुमाव), पेज की स्केल निर्धारित करना कि एक पेज पर शीट का कितना प्रतिशत एरिया प्रिन्ट किया जा सकेगा । पेज के आस पास का मार्जिन, हेडर तथा फुटर की पेज के किनारे से दूरी निर्धारित करना, शीट के डाटा को प्रिन्ट करने हेतु पेज के बीचों-बीच ( वर्टीकली /होरीजेन्टली रूप से ) सेट करना, हेडर तथा फुटर को निर्धारित करना, प्रिन्ट एरिया सेट करना, किसी सेल का डाटा जो प्रत्येक पेज पर प्रिंट हो, को सेट करना, पेज का ऑर्डर निर्धारित करना। 

Print Preview

इस ऑप्शन पर क्लिक करके हम अपनी फाइल के मेटर को प्रिन्ट किये बगैर ही इस प्रकार से देख सकते है कि प्रिंट होने वाला मेटर पेपर पर कहां पर प्रिंट होगा तथा इसके द्वारा देख अपने पेपर के मैटर को सेट कर सकते है ।

Print (Ctrl+P)

इस ऑप्शन के द्वारा शीट पर स्थित डांटा को प्रिन्टर के द्वारा पेपर पर प्रिंट करवाया जाता है । एक पेपर पर शीट का उतना ही डाटा प्रिन्ट होता है जितना की उस पेज पर प्रिंट किया जा सके इसे प्रिंट प्रिव्यू के द्वारा देखा जा सकता है तथा सैटिंग भी की जा सकती है, इसमें प्राप्त डायलॉग बॉक्स में प्रिन्टर का नाम, नंबर पेजों की संख्या निर्धारित करते है तथा यह भी निर्धारित कर सकते है कि जिस वर्कशीट में कार्य कर रहे है उन्ही के प्रिंट निकालना है कि सभी वर्कशीटों का प्रिंट निकालना है। 

Properties

अपनी फाइल की जानकारी प्रदान करता है कि फाइल का लोकेशन क्या है ? साइज क्या है ? फाइल कब बनाई गयी थी, कब अंतिम बार ओपन की गई, कब प्रिन्ट किया गया,  फाइल में कितनी शीट है आदि जानकारी को  देखा जा सकता है

Undo (Ctrl+Z)

अंतिम समय में किये गये कार्य को निरस्त करने के लिये। जैसे कोई कमाण्ड कट, कॉपी, पेस्ट का चलाना, कुछ लिखना और इस ऑप्शन से इसे निरस्त करना ।

Redo (Ctrl+Y)

अन्डू से केन्सिल किये गये कमाण्ड को पुनः वापिस उसी अवस्था में लाना । यह कमाण्ड एक प्रकार से अन्डूका उल्टा कमाण्ड है अर्थात जो हम अन-डू से निरस्त करते हैं उसे ही वापस री-डू से ला सकते है ।

Cut (Ctrl+X)

सिलेक्ट किये गये डाटा या ऑब्जेक्ट को उस स्थान से हटाना ताकि दूसरे स्थान पर रखा जा सके । जैसे किसी लिखे गये शब्द को सिलेक्ट करके कट करे, तथा शीट में उचित स्थान पर कर्सर रखकर पेस्ट कमाण्ड का प्रयोग करे।

Copy (Ctrl+C)

सिलेक्ट किये गये डाटा या ऑब्जेक्ट की एक प्रतिलिपी तैयार करना ताकि उसकी एक प्रति दूसरे स्थान पर शीट में रख सके । जैसे किसी लिखे गये शब्द को सिलेक्ट करके कॉपी करे, तथा शीट में उचित स्थान पर कर्सर रखकर पेस्ट कमाण्ड का प्रयोग करें।

Paste (Ctrl+V)

कट या कॉपी किये गये डाटा या ऑब्जेक्ट को इसी कमाण्ड से शीट को उचित स्थान पर रखा जाता है।

Delete

इस ऑप्शन के द्वारा सिलेक्ट की गई सेल, रो या कॉलमों को मिटाया जा सकता है। जब सेलो को मिटाया जाता है तो बाकि सेल या उपर की तरफ शिफ्ट होगी या उल्टे हाथ की तरफ शिफ्ट होगी।

Go to (Ctrl+G)

इसके द्वारा सेल का रिफरेंस नंबर देकर वही पर स्पेशियल बटन पहुँचा जा सकता है । साथ ही पर क्लिक करके अपनी शीट पर स्थित फार्मूले, कमेंट, आदि को हाईलाईटेड करके एक साथ देखा जा सकता है।

Normal

प्रोग्राम में शीट का व्यू नॉर्मल रूप से देखने के लिये इस व्यू में पेज नंबरिंग स्पष्ट नजर नही आता है शीट का सम्पूर्ण भाग एक्टिव दिखाई देता है। पेजब्रेक के लिये ब्लेक डॉटेट लाईने दिखाई देती है।

Tool bar

इस ऑप्शन के अंतर्गत आने वाले सब आप्शनों पर क्लिक करके विभिन्न टूलबार को बंद या चालू किया जा सकता है। इसमें स्थित । कस्टोमाईज ऑप्शन से भी टूलबार से संबंधित सेटिंग की जाती है । तथा एक नई टूलबार बनाकर उसमें इच्छानुसार टूल्स को सेट कर सकते है।

Insert Hyperlink (Ctrl+K)

हाइपरलिंक डालने के लिये किसी खाने (cell) में टैक्स्ट को टाइप करके हाइपरलिंक डालना (Insert Hyperlink) बटन को क्लिक करें तथा जिस वेबसाइट का हाइपरलिंक देना हो उसका पता प्रविष्ट करें और OK को क्लिक कर दें।

Zoom (Ctrl+Scroll)

किसी वर्कबुक को जूम करने अर्थात् बड़ा या छोटा करके देखने के लिये टूलबार में zoom बटन को क्लिक करें।

Formula Bar

इसके द्वारा फॉर्मूला बार को बंद या चालू किया जा सकता है। यह एक एक्टिव सेल में रखी वैल्यू की जानकारी देती है साथ ही इस बार की सहायता से सेल में फॉर्मूले भी निर्धारित किये जा सकते है। साथ ही सेल का नाम भी देखा जा सकता है। इस बार पर क्लिक करके भी डाटा को लिखा जा सकता है।

स्वत:योग (Autosum)

  • लगातार एक के बाद एक जुड़े हुये (adjacent) सेल्स के समूह में प्रविष्ट मानों के योग के लिये स्वत:योग (Autosum) का प्रयोग किया जाता है। 
  • जिस सेल में योग को दर्शाना है उसे क्लिक करके सिलेक्ट कर लें। टूलबार में स्थित Autosum बटन को दबा दें। 
  • सेल्स के जिस समूह के प्रविष्टियों का योग करना है उसे हाईलाइट करें। कुंजीपटल में एंटर (ENTER) कुंजी दबाँयें।

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