रविवार, 17 अक्तूबर 2021

कमांड प्रोम्प्ट (Command Prompt)

कमांड प्रोम्प्ट (Command Prompt)

DOS प्रोम्प्ट (DOS Promput) -

जैसे ही कम्प्यूटर चालू 2 ( करते हैं वैसे ही शूटिंग (Booting) प्रोसेस स्वतः ही चालू हो जाता है और स्क्रीन पर निम्न प्रकार के प्रोम्प्ट दिखाई देता है। 

हार्ड डिस्क को प्रदर्शित करता है तथा संकेत दर्शाता है कि वर्तमान में कम्प्यूटर का नियन्त्रण मूल (Root) डायरेक्ट्री पर है। संकेत > दर्शाता है कि कम्प्यूटर निर्देश प्राप्त करने के लिए तैयार है। कम्प्यूटर पर जो भी टाइप किया जायेगा वह कर्सर (-) पर टाईप होगा। । कमाण्ड को कैसे टाइप करते हैं-प्रोम्प्ट पर उन निर्देशों को टाइप किया जाता है जिन्हें डॉस समझ सकता है। -

निर्देश को टाइप करते समय वाक्य रचना का ध्यान रखा जाता है। यदि वाक्य रचना (Syntax) सही नहीं है तो डॉस उस पर कार्य नहीं करता है और पुनः सही निर्देश हैं।

टाइप करने होते डॉस में निर्देशों को बड़े अथवा छोटे वर्णमाला अक्षर में टाइप किया जा सकता है। यदि किसी निर्देश को टाइप करने में कोई गलती हो जाए तो की-बोर्ड में बैकस्पेस कुंजी दबाई जाती है जिसमें अक्षर मिट जाते हैं। सही निर्देश लिखने के बाद एन्टर कुंजी दबाई जाती है।

डॉस कमाण्ड (DOS Command) 

डॉस कमाण्ड दो प्रकार के होते हैं

आन्तरिक निर्देश —

इन निर्देशों के लिए कम्प्यूटर में किसी विशेष फाइल का होना आवश्यक नहीं है। कम्प्यूटर चालू होते ही यह निर्देश अपने आप ही मेमोरी में आ जाते हैं। जब तक कम्प्यूटर चालू रहता है यह निर्देश उपलब्ध रहते हैं। 

बाह्य निर्देश— 

बाह्य निर्देश छोटे प्रोग्राम होते हैं जो कि फ्लॉपी अथवा डिस्क में उपस्थित होते हैं और आवश्यकता होने पर ही उपलब्ध होते हैं। -

  • डॉस कमाण्ड (DOS Commands)
    • आन्तरिक निर्देश (Internal Commands) उदाहरण DIR, COPY, DATE-TIME. DEL आदि।
    • बाह्य निर्देश (External Commands) उदाहरण FORMAT, DISKCOPY RENAME, CHKDSK आदि।

आन्तरिक निर्देश (Internal DOS Command)

(1) DIR निर्देश (DIR Command)—

यह डायरेक्ट्री निर्देश है तथा इसके द्वारा डायरेक्ट्री में उपस्थित फाईल नाम प्रदर्शित होते हैं। 

  • उद्देश्य : डायरेक्ट्री की समस्त फाइलों के नाम देना 
  • निर्देश : C:\> DIR - :
  • सावधानियाँ : - DIR को त्रुटि रहित लिखना चाहिए। 

अक्षरों के मध्य खाली स्थान नहीं होना चाहिए। 

इस निर्देश द्वारा डिस्क C : की मूल डायरेक्ट्री में उपलब्ध फाइलों के नाम प्रदर्शित होते हैं। 

सामान्यतः पर्सनल कम्प्यूटर की स्क्रीन में 25 पंक्तियाँ ही दिखाई देती हैं। यदि किसी डायरेक्ट्री में 25 से - अधिक फाइल होती है तो स्क्रीन पर सभी फाइलें जल्दीजल्दी आती जाती है। यदि किसी डायरेक्ट्री में 90 फाइलें हैं तो 65 फाइलें जल्दी से निकल जाती है जबकि अन्तिम 25 स्क्रीन पर रहती हैं। फाइलों को प्रति पेज देखने के लिये निम्न कमाण्ड दिया जायेगा। 

  • उद्देश्य : प्रति पेज फाईल दर्शाना 
  • निर्देश : C:\>DIR/P - 
  • सावधानियाँ :- P के साथ चिह्न । काम में लिया जाता है। 

- DIR व /P के मध्य एक स्थान खाली होना चाहिए। इसी प्रकार हम स्क्रीन पर चौड़ाई के अनुसार फाइलें भी देख सकते हैं। : :

  • उद्देश्य : फाइलों का चौड़ाई के अनुसार देखना 
  • निर्देश: CIS DIR/W
  • सावधानियाँ :- C: के साथ चिह्न का उपयोग करते हैं / उपयोग नहीं करते।

DIR व / W के मध्य एक खाली स्थान छोड़ते हैं। फ्लोपी डिस्क ड्राइव को A : से प्रदर्शित किया जाता है। अतः फ्लॉपी की फाइलें जानने के लिये निम्न कमाण्ड का उपयोग होगा

  • उद्देश्य : 
  • फ्लोपी पर उपस्थित फाइलें जानना 
  • निर्देश : C:\> DIRA:
  • सावधानियां : - A व : के मध्य स्थान नहीं होना चाहिए। 

- DIR व A: के मध्य एक खाली स्थान रखना चाहिए। 

वाइल्ड कार्ड (Wild Cards) —

  • संकेत (*) तथा (?) वाइल्ड कमाण्ड है। इनका उपयोग तंब किया जाता है जब फाइलों के समूह पर कार्य करना हो।
  • संकेत (*) किसी भी फाइल अथवा एक्सटेंशन को प्रदर्शित करता है। 
  • संकेत (?) के स्थान पर केवल एक अक्षर स्थान ले सकता है। 

उदाहरण - 

  • C:\>DIRABC.* - यह ABC नाम की समस्त  फाइलों को दर्शाता है। 
  • C:\>DIR *.* - इसके द्वारा समस्त फाइलें स्क्रीन पर आती हैं। 
  • C:\> DIRA*.DOC  - इससे वह फाइलें स्क्रीन पर आती है जो A से प्रारम्भ होती है तथा जिनमें प्रसार A (Extension) नाम DOC है। 
  • C:\> DIR SU*.C*  - इसमें वह फाइलें जिनका प्रथम नाम SU से शुरू होते हैं तथा इक्स्टेन्शन C से शुरू होता है स्क्रीन पर आती है। 
  • C:\>DIRAB?D.DOC. - इसमें वह सब फाईल स्क्रीन पर आयेगी जिनमें 1st, 2nd एवं 4th अक्षर क्रमश: A, B व D का हो तथा इक्स्टेंशन DOC हो। चिह्न ? के स्थान पर कोई भी अक्षर हो सकता है 
  • C:\> DIRCHAPI?.DOC - इसमें वह सभी फाइल आती है जिनमें फाइल का प्रथम नाम CHAPI हो तथा एक्सटेंशन DOC है। चिह्न ? के स्थान पर कोई भी अक्षर हो सकता है।
  • C:/> DIR CHAPI?.DOC - इसमें वह सभी फाइल आती है जिनमें फाइल का प्रथम नाम CHAPI हो तथा एक्सटेंशन में .DOC हो। संकेत ? के स्थान पर कोई भी नम्बर अथवा अक्षर हो सकता है। 

(2) डेट (DATE)

निर्देश-यह वर्तमान तिथि को बताती है और उसे संशोधित करती है। 

  • उद्देश्य : वर्तमान तिथि दिखाना 
  • कमाण्ड : C:\> DATE             - 03-22-01
  • सावधानियाँ :- अशुद्धियाँ जाँचिये:
  • दिनांक निम्न प्रकार डालना चाहिए- (mm-dd-yy)
  • संकेत (-) दिनांक के बीच में डालना चाहिए। 

(3) समय निर्देश (TIME Command)—

यह कमाण्ड वर्तमान समय को बताता है तथा उसमें संशोधन करता है

  • उद्देश्य : वर्तमान समय सही करना 
  • निर्देश : C:\>TIME
  • सावधानियाँ : - नया समय निम्न प्रकार डालें hh:mmsss.xx नहीं तो गलती आयेगी। 
  • -हमेशा संकेत (:) का घण्टे मिनट व मिनट सैकण्ड के मध्य उपयोग करें।

(4) CLS निर्देश- 

इस निर्देश का उपयोग स्क्रीन पर लिखी सूचनाओं को मियने में किया जाता है।

  • उद्देश्य : स्क्रीन पर लिखित सूचनाओं को मिटाना 
  • निर्देश : C:\>CLS 
  • सावधानियाँ :  अक्षरों के मध्य खाली स्थान नहीं छोड़ना चाहिए। 

(5) DELनिर्देश-

इस निर्देश का उपयोग फाइल विशेष अथवा फाइलों के समूह को नष्ट करने में किया जाता है। उदाहरणतया यह माने कि मूल (Root) डायरेक्ट्री में फाइल का नाम है RESULTS.DOC अब यदि हम इसे नष्ट करना चाहते हैं तो निम्न प्रकार निर्देश देंगे।

C>\>DELRESULTS.DOC

  • हम यह डायरेक्ट्री कमाण्ड (DIR Command) द्वारा जान लेते हैं कि यह फाइल C: में है या नहीं।
  • यदि हम समस्त C प्रसार की फाइलों को समाप्त करना चाहते हैं तो लिखेंगे- -C:\> DEL*.C
  • डायरेक्ट्री के समस्त फाइलों के समाप्त करने के लिए हम लिखेंगे-C:/DEL * .*

(6) टाइप निर्देश (Type Command) 

यदि हम यह जानना चाहते हैं कि फाइल विशेष के अन्दर क्या लिखा है तो टाइप निर्देश का उपयोग किया जाता है। किन्तु .EXE तथा .COM फाइलों को टाइम निर्देश द्वारा खोल कर नहीं देखा जा सकता।

  • उद्देश्य : फाइल में संग्रहित विषयवस्तु को दर्शाना। यदि फाइल का नाम AUTOEXEC.BAT है।
  • निर्देश: C:\> TYPEAUTOEXEC.BAT
  • सावधानियाँ : .EXE तथा.COM के लिए TYPE कमाण्ड का उपयोग नहीं किया जाता है।

(7) PATH निर्देश-

यह निर्देश एग्जीक्यूट होने वाली फाइल को ढूँढ़ने के लिए उपयोग में लाया जाता है उदाहरणतया यदि हम मूल (root) डायरेक्ट्री में है और Mouse सब डायरेक्ट्री (Sub-directory) में रखे प्रोग्राम को चलाना चाहता है तो निम्न प्रकार निर्देश देंगे

 C:\> PATH\C:/Mouse

  • उद्देश्य : WS तथा LOTUS सब डायरेक्ट्री के लिए PATH लिखना।
  • निर्देश : C:\> PATH = C:\ LOTUS.
  • सावधानी : दो सब डायरेक्ट्रीयों के मध्य संकेत : लगाना आवश्यक है।

(8) COPY निर्देश (COPY Command)—

इस निर्देश व उपयोग सर्वाधिक होता है-

(i) फाइल की प्रतिलिपि (Duplicate a file)-

माना C: में एक फाइल नाम ABC.C उपस्थित है यदि इसकी प्रतिलिपि XYZ.D प्राप्त करनी है तो हम निर्देश को निम्न प्रकार लिखेंगे।

C:\>COPY ABC.C XYZ.D

प्रतिलिपि फाइल, मूल नाम की नहीं बनाई जा सकती क्योंकि दो समान नाम वाली फाइलें नहीं होती है। 

(ii) सब डायरेक्ट्री से अन्य डायरेक्ट्री में कॉपी करना

इसके लिए माना REPORT.DOC फाइल C; में से DOS सब डायरेक्ट्री में कापी करनी है तो लिखेंगे

C:\>COPY REPORT.DOC\DOS

(iii) फाइल को C: से A: में Copy करना (To copy a file form C: to A:) 

माना एक फाइल ANEES.EXE,C. में उपस्थित है और हम इसे फ्लॉपी की ड्राइव A : में Copy करना है। 

C:\>COPY ANEES.EXE A:

XYZ.DOC फाइल को A: से C : में Copy करना 

C:\>COPY A:XYZ.DOC

(9) MD, CD व RD निर्देश-

इन निर्देशों को सीखने से पूर्व हमें डायरेक्ट्री तथा सब-डायरेक्ट्री को समझना होगा। DOS सब डायरेक्ट्री एक उलटे पेड़ के समान है। इस संरक्षण में C: बिल्कुल नीचे मूल (root) में है तथा इसके बहुत-सी शाखाएँ है सब डायरेक्ट्री है। यह DOS का tree प्रदर्शन है।

  • C मूल (Root) डायरेक्ट्री 
    • WP 
    • MSWORD 
      • WS 
      • TEMP
    • DOS 

मूल (Root) डायरेक्ट्री की तीन सब डायरेक्ट्रियाँ हैंWP (वर्ड प्रोसेसस), DOS व MSWORD | पुनः MSWORD की दो सब डायरेक्ट्रीयाँ हैं- WS व TEMP

(i) MD (Make Directory) निर्देश-

इस निर्देश की सहायता से हम सब- -डायरेक्ट्री बना सकते हैं। यदि हम मूल (Root) डायरेक्ट्री C; में MYFILES नाम से सब C डायरेक्ट्री बनाना चाहते हैं तो लिखेंगे

C:\>MD MY FILES

इसी प्रकार C: में एक और सब-डायरेक्ट्री GIMMY बनाने के लिये लिखेंगे।

C:\>MD GIMMY

अत: C: कि दो सब-डायरेक्ट्रियाँ होगी

  • C:(root)
    • TEMP
    • WS

यह सब-डायरेक्ट्रियाँ DIR निर्देश काम में लेकर देखी जा सकती है। आवश्यकता होने पर MYFILES व GIMMY की पुनः सब-डायरेक्ट्री बनाई जा सकती है। यदि MYFILES की हम दो सब डायरेक्ट्री CASH व CREDIT बनाना चाहते हैं तो निम्न प्रकार लिखेंगे

C:\>MD\MYFILESICASH

C:\>MDIMYFILES\CREDIT

 इसको हम निम्न द्वारा प्रदर्शित कर सकते हैं

  • C:\
  • MY FILES
    • CASH 
    • CREDIT
  • GIMMY

(ii) CD (Chang Directory) -

यह निर्देश तब काम में लिया जाता है, जब एक डायरेक्ट्री से दूसरी डायरेक्ट्री में जाना होता है। यदि हम (मूल नियंत्रण)c: में है व अन्य डायरेक्ट्री MYFILE में जाना चाहते हैं तो यह निर्देश निम्न प्रकार लिखा जाएगा

C:\>CD MYFILES

अब यदि MYFILE की CREDIT सब डायरेक्ट्री में जाना हो तो निम्न प्रकार लिखेंगे

C:MY FILES>CD CREDIT

और यदि एक पद पुनः पीछे सब डायरेक्ट्री में जाना हो तो लिखेंगे

C:MYFILES\CREDIT>CD..

और मूल (Root) डायरेक्ट्री C में जाना हो तो लिखेंगे

C:\MY FILES\CREDIT>CD\

  • उद्देश्य : किसी सब डायरेक्ट्रीज से सीधे मूल डायरेक्ट्री C: में जाना
  • निर्देश: C:\> CD\
  • सावधानियाँ : संकेत (\) कोड प्रयोग करते हैं। 

(iii) RD (Remove Directory) निर्देश-

इस निर्देश द्वारा मूल (Root) डायरेक्ट्री से किसी डायरेक्ट्री को मिटाने (remove) के काम आता है। पर इस निर्देश को काम में लाने के लिए निम्न सावधानियाँ रखनी होती हैं

  • (अ) यह निश्चित कर लेना चाहिए कि डायरेक्ट्री की समस्त फाइलें, जिसे नष्ट करना है, समाप्त हो गई है।
  • (ब) जिस डायरेक्ट्री को मिटाना है हमें उससे एक पद पीछे होने चाहिए।

माना हम वर्तमान में सबडायरेक्ट्री CREDIT में हैं। इस डायरेक्ट्री को समाप्त करने के लिए हमें निम्न निर्देश देने होंगे-

C:\MYFILES\CREDIT>DEL *.*

C:\MYFILES\CREDIT>CD.. 

C:\ MYFILES>RD CREDIT

अब यदि अब हम रेखा चित्र देखें तो वह निम्न प्रकार का होगा

  • C:\
  • MY FILES
    • CASH
  • GIMMY

(10) VER (Version) निर्देश -

यह DOS कमाण्ड वर्तमान में काम आ रहे कम्प्यूटर पर उपलब्ध वर्जनं (Version) को प्रदर्शित करता है- C:\>VER

इस निर्देश का आउटपुट इस प्रकार होगा- MS-DOS Version 6.22

इन दिनों DOS 6.22 प्रचलित है। इससे पहले के डॉस के वर्जन हैं DOS 1.0, DOS 2.0, DOS 3.0,DOS 3.2, DOS 3.3, DOS 5.0, DOS 5.5 आदि। इन डॉस कमाण्ड में नये गुणों का समावेश होता गया।

(11) ReN (RENAME) Command—

यह निर्देश फाइल का नाम बदलने के काम आती है। हम इसका उपयोग सिर्फ REN टाइप करके कर सकते हैं।

यदि हम किसी फाइल ABC.DBJ का नाम बदल कर RAMA.DOC करना चाहते हैं तो हम लिखेंगे

C:\>REN ABC.OBJ RAMA.DOC

(12) पॉस (Pause) निर्देश-

यह निर्देश बैच प्रोसेसिंग को कुछ समय रोकने के काम आता है-

PAUSE message

यदि उपयोगकर्ता इसके बाद कोई कुंजी दबाता है तो प्रोसेसिंग पुनः आगे बढ़ जाती है। पॉस निर्देश की उपयोगिता तब होती है 

जब उपयोगकर्ता को एक अवसर देना होता है ताकि वो किसी लम्बे संदेश को पढ़ जाये अथवा बैच प्रोसेसिंग को स्थगित कर पाये। जब पॉस निर्देश चालू होता है तो कम्प्यूटर की स्क्रीन पर यह संदेश आता है।

Press any key to continue.... 

इस संदेश के बाद यदि उपयोगकर्ता कोई Key (कुंजी) दबाता है तो कम्प्यूटर पॉस निर्देश के बाद दिए गये निर्देश को क्रियान्वित कर चालू कर देता है। यदि Ctrl-C दबाया जाता है तो बैच प्रोसेसिंग प्रक्रिया का अन्त हो जाता है। 

(13) PROMT निर्देश-

यह निर्देश डास सिस्टम के प्रोम्प्ट को परिवर्तित करने तथा लिखित सामग्री के रंग, स्थान आदि को स्क्रीन या बदलने के काम आता है। यह निम्न प्रकार लिखा जाता है-

PROMPT (string)

यहाँ String उस लिखित सामग्री को दर्शाता है जिसे हम अपनी स्क्रीन पर देखना चाहते हैं। String में लिखित सामग्री के साथ निम्न संकेत भी हो सकते हैं।

  • $D - Current Date
  • $G - > symbol
  • $H -  Backspace
  • $L -  <Symbol
  • $N -  Current Drive
  • $P - Current Drive Name and Path Name
  • $Q - = Symbol 
  • $T - Current Time
  • $V -  System DOS Version Number

उदाहरण-PROMPT $P $G

बाह्य निर्देश (External Commands)

(1) CHKDSK (Check Disk) निर्देश-

यह निर्देश संग्रहण इकाई में रिक्त मेमोरी तथा उससे संबंधित उपलब्ध सूचनाओं जैसे खराब सैक्टर (Bad Sectors) बाइट आदि का पता लगाने के काम आती है।

(2)DISKCOPY निर्देश-

इस निर्देश का उपयोग फ्लॉपी की प्रतिलिपि (Duplicate) बनाने में किया जाता है 

C:>Disckcopy A: B: 

जिस कम्प्यूटर में एक फ्लॉपी डिस्क होती है, , उसमें मुख्य डिस्क को A: में रखते हैं और उसके बाद उपरोक्त निर्देश देते हैं। कम्प्यूटर A: में उपस्थित फ्लॉपी से पढ़ता है। इसके बाद यह मुख्य डिस्क A: से समस्त फाइलों को दूसरी डिस्क में डालने के निर्देश देता है। 

(3)XCOPY निर्देश-

यह साधारण COPY निर्देश के तीव्र निर्देश है। सभी डायरेक्ट्री, सब डायरेक्ट्री और फाइलें इस निर्देश द्वारा COPY हो जाती है। छुपी हुई फाइलें (Hidden Files) कॉपी नहीं होती है। 

XCOPY <source> <destination>

C:\>XCOPY *. *A:

(4) FORMAT निर्देश-

इस निर्देश द्वारा डिस्क को डॉस द्वारा काम के लिये तैयार किया जाता है। नई डिस्क में ट्रेक व सेक्टर नहीं होते। इस निर्देश द्वारा डिस्क में ट्रेक व सेक्टर बनाये जाते हैं। फिर डिस्क काम के लिए तैयार हो जाती है।

सामान्यत: FORMAT निर्देश निम्न हैं 

FORMAT target : / switches 

इस निर्देश द्वारा काम मैं आने वाले Switches व उनके कार्य निम्न हैं

  • /8  -  5.25" की फ्लॉपी में 8 सेक्टर। ट्रेक FORMAT करना 
  • /9  -  5.25" की फ्लॉपी में 9 सेक्टर/ ट्रेक FORMAT करना
  • /B  -  डिस्क को FORMAT करना तथा सिस्टम फाइल के लिए स्थान छोड़ना 
  • /Q  -  यह बताता है कि FORMATTING पुनःप्रारम्भ से ट्रेकासेक्टर को चालू करने के लिए शुरू नहीं हुआ? 
  • /S  -   DOS सिस्टम फाइल को फोरमैट डिस्क पर स्थानान्तरित करना जिससे डिस्क तैयार हो जाये। 
  • /N  -  यह डिस्क के वोल्यूम लेवल को प्रदर्शित करता है। 

उदाहरण: C:\>FORMAT A: S/V 

(5) SORT निर्देश-

फाइलों को वर्णमाला क्रम में देखने के लिये इस निर्देश का उपयोग किया जाता है

C:\>DIR SORT

(6) MORE निर्देश-

यह DIR/P के समान का निर्देश दे यह निर्देश निम्न प्रकार लिखा जाता है

[path] MORE

(7) UNDELETE निर्देश-

इस निर्देश द्वारा उन फाइलों को प्राप्त किया जाता है जो अचानक नष्ट हो जाती है-

C:\>UNDELETE *.BAK

यदि UNDELETE निर्देश के बाद फाइल नाम नहीं लिखा जाता है तो यह उन सभी deleted  फाइल को खोल कर पुनः स्थापित कर देता है।

इसमें यह सावधानी रखनी चाहिए कि UNDELETE फाइल के ऊपर कोई दूसरी फाइल संग्रहित न हो जावें अन्यथा पुरानी फाइल को UNDELETE करना सम्भव नहीं होगा।

इस निर्देश का सामान्य प्रारूप निम्न हैं

C:\>UNDELETE drive:\path\files\switches

Switch (Action) क्रिया
/LIST उस सभी Deleted फाइल की सूची आती है जिन्हें पुनः प्राप्त किया जाता है।
/ALL यह सभी Delected फाइलों को बिना कहे ही Undelete कर देती है।