विण्डोज के मुख्य भाग

विण्डोज के मुख्य भाग

1. डेस्कटॉप (Desk Top)- 

माइक्रोसॉफ्ट विण्डोज के सॉफ्टवेयर के खुलने के बाद सबसे पहले कम्प्यूटर स्क्रीन पर जो दिखायी देता है उसे डेस्क टॉप कहते हैं। डेस्क टॉप पर निम्न भाग प्रदर्शित रहते हैं

(i) माई कम्प्यूटर (My Computer)- 

यह कम्प्यूटर में संग्रहीत सभी सूचनाओं को प्रदर्शित करता है। इसमें विभिन्न हार्ड डिस्क ड्राइव (C, D, E), सीडी रॉम ड्राइव या डीवीडी रॉम ड्राइव, कंटोल पैनल आइकॉन होते हैं।

(ii) रीसाइकिल बिन (Recycle Bin)-

इसमें वैसी फाइलें रहती हैं जिन्हें उपयोग के दौरान कम्प्यूटर से हटा (Delete) दिया जाता है। इस प्रकार इसमें हटायी गयी फाइलें अस्थायी रूप में रहती हैं जिन्हें Restore के द्वारा वापस प्राप्त किया जा सकता है।

(iii) नेटवर्क नेबरहुड (Network Neighbourhood)- 

इसे दो कम्प्यूटरों के साथ रखे हुए चित्र से प्रदर्शित किया जाता है। यह कम्प्यूटर से जुड़े अन्य कम्प्यूटरों को दर्शाता है जिसमें डाटा व सूचना का आदान-प्रदान व संसाधनों का साझा उपयोग संभव होता है।

(iv) माई डॉक्यूमेन्टस (My Documents)- 

इसमें कम्प्यूटर का प्रयोक्ता अपने निजी डाटा व फाइलें रख सकता है। साथ ही इसमें वैसे सॉफ्टवेयर जो कम्प्यूटर में इनस्टॉल (Install) करते हैं, के डिफाल्ट सेटिंग (Default Setting) के पाथ. (Path) रहते हैं।

(v) इंटरनेट एक्सप्लोरर (Internet Explorer)- 

यह कम्प्यूटर को इंटरनेट से जोड़ने का एक माध्यम सॉफ्टवेयर है जो डेस्कटॉप पर स्थित रहता है। इसे खोलने पर कम्प्यूटर को नेटवर्क से जोड़ा जा सकता है । 

(vi) टास्क बार (Task Bar)- 

यह डेस्कटॉप के सबसे नीचे पतली पट्टी के रूप में स्थित होता है। इस पर कई बटन. तथा आइकन स्थित होते हैं। बायीं ओर सबसे किनारे स्टार्ट बटन होता है। चालू प्रोग्राम के लिए एक बटन तथा दायीं ओर कुछ शॉर्टकट आइकन रहते हैं। इसमें सभी खुले हुए प्रोग्रामों का बटन रहता है अतः इसका उपयोग कर खुले हुए प्रोग्रामों के एक विण्डो से दूसरे विण्डो में आसानी से जाया जा सकता है।

(vii) स्टार्ट मेन्यू (Start Menu)- 

टास्क बार के सबसे बाँयें किनारे पर स्टार्ट बटन रहता है जिसे बायां क्लिक कर स्टार्ट मेन्यू को खोला जा सकता है। इस मेन्यू में विभिन्न प्रोग्राम या एप्लिकेशन की सूची रहती है। स्टार्ट मेन्यू के मुख्य विकल्प अग्रलिखित हैं

Shut Down - 

यह कम्प्यूटर को बंद करने, स्टैण्ड बाई मोड में लाने या पुनः चालू करने के लिए प्रयुक्त होता है।

Log off/Log on - 

इसके द्वारा अपने पसंद के डेस्कटॉप को खोलना या बंद करना या इंटरनेट से बाहर निकलने या जुड़ने का कार्य किया जाता है। अन्य व्यक्ति डेस्कटॉप का इस्तेमाल ना करे इसके लिए Log on Passsword भी बनाया जा सकता है।

Run - 

यह प्रोग्राम क्रियान्वित करने का आदेश होता है। 

Help -

इसके द्वारा प्रोग्राम से संबंधित जानकारी प्राप्त की जा सकती है।

Find - 

इसके द्वारा किसी फाइल या फोल्डर को ढूंढा जाता है। 

Setting - 

इसमें उन कार्यों की सूची रहती है जिनके द्वारा कम्प्यूटर की सेटिंग में बदलाव किए जा सकते हैं। Documents- इसमें हाल में प्रयुक्त दस्तावेजों की सूची रहती है।

Programme- 

यह कम्प्यूटर में स्थित प्रोग्रामों की सूची है। 

2. टाइटिल बार (Title Bar)- 

यह विण्डोज के सबसे ऊपर में स्थित क्षैतिज पट्टी है जिस पर चालू प्रोग्राम का नाम लिखा रहता है। जो भी विण्डो सक्रिय रहता है उसे गहरे रंग द्वारा तथा जो निष्क्रिय रहता है उसे हल्के रंग वाले टाइटिल बार द्वारा प्रदर्शित किया जाता है। इस टाइटिल बार के दाहिने कोने पर तीन संकेत बने होते हैं जिनसे विण्डोज को न्यूनतम करने, अधिकतम करने तथा बंद करने का कार्य किया जाता है। जाता है और

न्यूनतम (Minimize) 

बटन पर क्लिक करने से विण्डो डेस्कटॉप से हटकर टास्क बार पर आ अगर फिर टास्कबार पर उसे क्लिक किया जाए तो विण्डो पुनः डेस्कटॉप पर आ जाता है। 

अधिकतम (Maximize)

बटन दबाने पर विण्डो मॉनीटर के स्क्रीन के बराबर हो जाता हैऔर बटन का संकेत परिवर्तित न हो जाता है। पुनः अगर यह बटन दबाया जाए तो विण्डो अपने मूल आकार में आ जाता है।

बंद (Close) 

बटन पर क्लिक करने से खुला हुआ प्रोग्राम समाप्त हो जाता है या इसके द्वारा विण्डो को बंद किया जा सकता है। इसे क्लिक करने पर Save/Save as का विकल्प (option) आता है और विण्डो बन्द हो जाता है।

3. स्क्रॉल बार (Scroll Bar)- 

सूचना को ऊपर-नीचे करने के लिए स्क्रॉल बार का प्रयोग किया जाता है। इसके साथ स्क्रॉल बार से दाँयें-बाँयें भी सूचना को खिसकाया जा सकता है। स्क्रॉल बार आयताकार बॉक्स होता है जिसे माउस द्वारा खींचकर ऊपर-नीचे या दाँयें-बाँयें किया जा सकता है।

4. मेन्यू बार (Menu Bar)- 

यह एक पतली पट्टी होती है जो टाइटिल बार के नीचे स्थित होती है। इसमें कई प्रोग्राम फाइल या आदेशों की सूची रहती है जिन्हें चयनित कर उक्त कार्य को किया जा सकता है।

5. टूल बार (Tool Bar)- 

यह मेन्यू बार के नीचे एक पतली पट्टी के रूप में होती है। इसमें प्रोग्राम में प्रयुक्त किये जाने वाले आदेशों के आइकन स्थित रहते हैं। इसके बटन या आइकन प्रोग्राम दर प्रोग्राम बदलते रहते हैं। 

6. स्टेटस बार (Status Bar)- 

टास्क बार के ऊपर स्थित बार जो किसी भी डॉक्यूमेंट में पेज, सैक्शन, कॉलम, लाइन आदि के हिसाब से कर्सर की स्थिति बतलाता है।

7. मेन्यू (Menu)- 

यह विकल्पों या आदेशों की सूची है जिसमें से किसी एक का चयन किया जा सकता है । ये दो प्रकार के होते हैं

(i) पुल/ड्रॉप डाउन मेन्यू (Pull/Drop Down Menu)- 

किसी विषय को क्लिक करने पर यह मेन्यू उस विषय के नीचे प्रदर्शित हो जाता है।

(ii) पुल अप मेन्यू (Pull-up Menu)- 

यह विषय के ऊपर प्रदर्शित होता है जब किसी विषय को क्लिक किया जाता है।

मेन्यू में प्रयुक्त कुछ संकेत (Signs used in Menu)

  • (i) त्रिभुज (Triangle)- यह मेन्यू के किसी भी विकल्प के दाँयें ओर स्थित होता है और सब मेन्यू को संकेतित करता है।
  • (ii) लोप चिह्न (Ellipsys)- यह तीन बिन्दुओं (...) के रूप में किसी विकल्प के साथ स्थित होता है। इसका अभिप्राय यह है कि किसी विकल्प को सक्रिय करने पर एक डायलॉग बॉक्स आयेगा जिसमें कुछ सूचनाओं को भरना या चुनना होगा।
  • (iii) डॉट (Dot)- यह किसी विकल्प के सामने एक बड़े काले बिन्दु (.) के रूप में रहता है जिसका मतलब है कि उपलब्ध विकल्पों में से केवल एक ही चुना जा सकता है। चुने गए बिन्दु के बायीं ओर डॉट रहता है।
  • (iv) सही का चिह्न (Check Mark)- यह चिह्न किसी विकल्प के पहले अगर लगा हो तो इसका मतलब यह है कि वह विकल्प सक्रिय है। अगर विकल्प को निष्क्रिय करना हो तो विकल्प को क्लिक कर दिया जाता है।
  • (v) हल्का विकल्प (Grayed. Option)- अगर किसी विकल्प का रंग हल्का है तो उसका मतलब यह है कि किसी कारणवश उस विकल्प को सक्रिय नहीं किया जा सकता। उदाहरण के लिए Copy विकल्प तभी सक्रिय हो सकता है जब कॉपी करने के लिए कोई सामग्री हो। 

8.शॉर्टकट बटन (Shortcut Key)- 

कई बार एक कार्य या आदेश को क्रियान्वित करने के लिए बार-बार माउस का इस्तेमाल करना पड़ता है, इस असुविधा से बचने के लिए हम उसके विकल्प के तौर पर की-बोर्ड का कोई एक बटन या उसका संयोग (Combination) चुन सकते हैं जिसे शॉर्टकट बटन कहते हैं। जैसे Open विकल्प को 'Ctrl+O' एक साथ दबाकर खोला जा सकता है।

9. डायलॉग बॉक्स (Dialogue Box)- 

इस बॉक्स के द्वारा प्रयोगकर्ता तथा सॉफ्टवेयर के बीच संवाद (Dialogue) स्थापित होता है। इस बॉक्स के टाइटिल बार में बॉक्स का नाम, क्लोज (Close) तथा सहायता (Help) बटन रहता है। डायलॉग बॉक्स के अंग

(i) आदेश (Command) बटन- 

इसमें विभिन्न आयताकार बॉक्स होते हैं जो विभिन्न आदेशों का प्रतिनिधित्व करते हैं। बॉक्सों पर आदेश का नाम यथा OK, Cancel, Help आदि लिखे रहते हैं। 

(ii) विकल्प बटन (Option Button)- 

डायलॉग बॉक्स के कई विकल्पों में से एक विकल्प चुनने की सुविधा देने वाला बटन विकल्प बटन कहलाता है।

(iii) सहायता बटन (Help Button)- 

इस बटन की स्थिति टायटल बार के दाँयें कोने पर होती है। जब इस पर क्लिक किया जाता है तो प्रश्नवाचक चिह्न (?) माउस प्वाइंटर के साथ जुड़ जाता है। जब इसे किसी वस्तु पर क्लिक किया जाता है तो उससे संबंधित सूचना एक अन्य डायलॉग बॉक्स में प्रदर्शित हो जाती है।

(iv) चैक बॉक्स (Check Box)- 

यह उपलब्ध विकल्पों के साथ एक चौकोर बॉक्स होता है जिसे क्लिक कर एक या अधिक विकल्पों को चुना जाता है।

(v) टैब शीट (Tab Sheet)- 

डायलॉग बॉक्स में यदि कई विकल्प हैं तो उन्हें अलग-अलग पन्नों या शीट में व्यवस्थित किया जाता है। प्रत्येक शीट का एक टेब डायलॉग बॉक्स होता है जो क्षैतिज पंक्ति में टाइटल बार के नीचे रखा होता है।

(vi) लिस्ट बॉक्स (List Box)- 

इस बॉक्स में पहले से निर्धारित विकल्पों की एक सूची रहती है जिसमें से किसी भी एक विकल्प को चुना जा सकता है।

(vii) टेक्स्ट बॉक्स (Text Box)- 

ये ऐसे बॉक्स होते हैं जिनमें चयनित विकल्प को भरा जा सकता है या वांछित सूचनाएं टाइप के द्वारा डाली जा सकती है। कुछ टेक्स्ट बॉक्स ऐसे भी होते हैं जिनमें पहले से ही कुछ सूचना भरी रहती है, इन्हें डिफाल्ट टेक्स्ट (Default Text) कहा जाता है। डिफाल्ट टेक्स्ट में नयी सूचना टाइप करने के लिए पूर्व भरी हुई सूचना को बैक स्पेस (Back Space) बटन द्वारा डिलीट कर दिया जाता है।

(viii) ड्रॉप डाउन लिस्ट बॉक्स (Drop Down List Box)- 

यह टेक्स्ट बॉक्स के दाहिने ओर तीर के निशान द्वारा सूचित होता है। इस तीर पर क्लिक करने से विकल्पों की सूची प्रदर्शित होती है और इन विकल्पों में से किसी एक पर अगर क्लिक किया जाए तो वह सूचना टेक्स्ट बॉक्स में चली जाती है।

(ix) स्पिन बॉक्स (Spin Box)- 

ये संख्यात्मक सूचना भरी बॉक्स होती है। इनके संख्यात्मक मान को क्लिक कर. घटाया या बढ़ाया जा सकता है।

डायलॉग बॉक्स को सक्रिय करना- 

वांछित विकल्प को क्लिक करना। 

  • विकल्प के रेखांकित अक्षर को ALT के साथ दबाना। 
  • विकल्प को Tab बटन द्वारा चिह्नित करना एवं फिर Enter बटन दबाना। की

कम्प्यूटर को बंद करने की प्रक्रिया (Shutting Down Computer)- 

  • Start बटन क्लिक करना → फिर Start Menu में Shut Down विकल्प क्लिक करना → Shut Down विकल्प को चुन कर OK बटन को क्लिक करना → इसके बाद विण्डोज सभी प्रोग्राम को बंद करता है और स्क्रीन से चित्र गायब हो जाते हैं → इसके बाद बिजली बंद करना।
  • विण्डोज XP में कम्प्यूटर को बंद करने के लिए Start Button- Turn off का विकल्प आता है और turn off पर OK करने से प्रोग्राम बन्द हो जाते हैं।

10. फाइल तथा फोल्डर- 

'कम्प्यूटर की द्वितीयक मेमोरी (Secondary Memory) में संग्रहित डाटा समूह, फाइल कहलाता हैं। फाइलों को मिलाकर एक फोल्डर बनाया जाता है। फाइल तथा फोल्डर दोनों ही आइकन द्वारा प्रदर्शित होते हैं और इनके आइकनों के नीचे फाइलों तथा फोल्डरों के नाम लिखे जाते हैं। जब किसी फाइल या फोल्डर को खोलना होता है तो उस पर डबल क्लिक किया जाता है। 

नया फोल्डर बनाना- 

अगर हम किसी भी ड्राइव के अन्दर फोल्डर बनाना चाहते हैं या फोल्डर के अन्दर फोल्डर बनाना चाहते हैं तो हमें उस ड्राइव या फोल्डर को खोलना होगा। इसके बाद किसी भी जगह पर Right click करके New option पर क्लिक करते हैं। उसमें हमें options दिखाई देते हैं। फिर अगले मेन्यू के Folder विकल्प को चुनना एवं इस पर क्लिक करना , इससे नया फोल्डर बन जाता है और उसका आइकॉन दिखता है। 

फाइल या फोल्डर का नाम बदलना- 

फाइल या फोल्डर के आइकन पर दायां क्लिक करना → मेन्यू में Rename विकल्प का आना → इस विकल्प पर क्लिक करना → फाइल या फोल्डर का पुराना नाम आना- अब


इस पर नया नाम टाइप करना तथा Enter बटन दबाना। फाइल या फोल्डर ढूँढना- Start बटन क्लिक करना → Start Menu में Find विकल्प चुनना → Sub Menu या कैसकेडिंग (Cascading) मेन्यू में से Files या Folders...विकल्प पर क्लिक → करना Find डायलॉग बॉक्स दिखायी देना , डायलॉग बॉक्स में फाइल का नाम तथा डिस्क का नाम भरना → Find Now बटन पर क्लिक करना फाइल या फोल्डर का प्रदर्शित होना।

फाइल या फोल्डर को उसके निर्माण की तारीख, आकार (Size) या प्रकार (Type) के हिसाब से भी खोजा जा सकता है। 

किसी भी file/folder को दूसरी Drive/folder में कॉपी करना- 

कम्प्यूटर में कार्य करते समय कई बार हमें किसी फाइल या फोल्डर को दूसरी Drive या Folder में कॉपी करने की आवश्यकता पड़ती है। अगर हम चाहे तो पहले एक स्थान से File/folder को Cut करके दूसरी Drive में सीधे Paste कर सकते हैं।

11. कम्प्यूटर में दिन व समय बदलना- 

डेस्कटॉप पर विण्डोज प्रोग्राम में घड़ी टास्क बार (Task Bar) के दाँयें कोने पर स्थित रहती है जिस पर अगर माउस का प्वाइंटर ले जाया जाए तो दिन या तिथि दिखायी पड़ती है। 

Task Bar पर - time को डबल क्लिक करना - फिर Start → setting → Control Panel → Date/Time Properties में जाकर इन्हें बदलना।

12. विण्डोज एक्सप्लोरर (Windows Explorer)- 

यह विन्डो का एक Appliation प्रोग्राम है। सिस्टम में उपस्थित सूचना एवं प्रोग्राम को देखने का यह माध्यम होता है। जैसे- फाइल को परिवर्तित करना, नाम बदलना, Properties देखना। विण्डोज एक्सप्लोरर के द्वारा फाइल एवं फोल्डर को आसानी से व्यवस्थित कर सकते हैं तथा दूसरे फोल्डर में कॉपी कर सकते हैं एवं मूव कर सकते हैं। इस प्रोग्राम के दो भाग होते हैं- Tree Pane जो बायां भाग होता है और Content Pane जो दायां भाग होता है।

विण्डोज एक्सप्लोरर Menu

1. File Menu - 

इस मेन्यू के अन्तर्गत कुछ कमाण्ड होती हैं जिनके द्वारा हम कुछ विशेष कार्य करते हैं। Windows explorer menu के कुछ महत्वपूर्ण कार्य होते हैं जो menu बार में प्रदर्शित किये होते हैं। जैसे1.

* Create Short Cut * Find Rename * Send To * Properties 

2. Edit Menu - 

इस मेन्यू के अन्तर्गत कुछ कमाण्ड होती है। जिसकी सहायता से हम फाइल कॉपी, पेस्ट एवं कट का कार्य कर सकते हैं। जैसे

* New * Open * Explorer * Delete * Close * Undo * Paste Shortcut * Cut * Copy * SelectAll * Invert Selection 

3. View Menu- 

इस.मेन्यू के अग्रलिखित भाग होते हैं

Tools Status Bar * Large Icons Small Icons List Arrange Icons Line Icons Refresh Option Tool Menu Go to * * * * * up * Find *

13. फाइल के गुणों को देखना (Viewing File Properties)- 

File या Folder के आइकन पर दायां क्लिक करना → मेन्यू में Properties विकल्प को चुनकर क्लिक करना → Properties sheet का आना जिसमें गुणों का प्रदर्शन होता है। फाइल के गुणों में परिवर्तन भी कर सकते हैं। अगर किसी File की प्रोपर्टी शीट में Read only विकल्प को (कर दिया जाए तो यह केवल पढ़ा जा सकता है और उसमें कोई परिवर्तन नहीं किया जा सकता है। अगर Hidden विकल्प को (1) कर दिया जाए तो वह फाइल एक्सप्लोरर में दिखाई नहीं देगी। 

14. कम्प्यूटर स्क्रीन में परिवर्तन- 

Start बटन क्लिक करना → Start Menu के Setting विकल्प को चुनना → Sub Menu के Control Panel विकल्प को क्लिक करना → कंट्रोल पैनल विण्डोज में Display आइकॉन को डबल क्लिक करना = डिस्प्ले प्रोपर्टीज (Display Properties) डायलॉग बॉक्स का प्रदर्शित होना। इस डायलॉग बॉक्स में विभिन्न तथ्य होते हैं जो निम्न हैं

  • (i) बैकग्राउन्ड- इसमें वॉलपेपर (Wallpaper) तथा स्क्रीन के Background का चयन किया जा सकता है। 
  • (ii) स्क्रीन सेवर (Screen saver)- मॉनीटर पर अगर एक निर्धारित समय तक कार्य नहीं किया जाए तो वॉलपेपर स्क्रीन से हट जाता है और एक अन्य चित्रित प्रोग्राम चलने लगता है जिसे स्क्रीन सेवर कहते हैं। की बोर्ड या माउस के किसी भी बटन को दबा देने से यह बंद हो जाता है। इस स्क्रीन सेवर के द्वारा मनचाहे चित्र को स्क्रीन सेवर के तौर पर निश्चित किया जा सकता है।
  • (iii) एपियरेंस (Appearance)- डेस्कटॉप तथा विण्डोज के अंग के रंग तथा उसके स्वरूप का निर्धारण किया जाता है। 
  • (iv) सेटिंग (Setting)- विण्डोज में रंगों की संख्या, अक्षरों के स्वरूप, डिस्प्ले की तीव्रता को निर्धारित किया जाता है। 

15. टास्क बार में परिवर्तन- 

Start बटन क्लिक करना → StartMenu में Setting विकल्प चुनना → Sub Menu में से Task Bar और Start Menu विकल्प को क्लिक करना → Task Bar Properties डायलॉग बॉक्स का खुलना → Task Bar Options टैब क्लिक करना → इसमें निम्न विकल्प उपलब्ध होते हैं-

  • (i) Always on top- इसको (1) करने से Task Bar हमेशा स्क्रीन के निचले भाग पर दिखायी देगा। 
  • (ii) Auto Hide- इसे (1) करने से टास्क बार उपयोग ना होने की स्थिति में छिप जाता है और पुनः माउस प्वाइंटर के आने पर ही उभरकर दिखायी देता है।
  • (iii) Show small icons in start Menu- इसे (1) करने से आइकॉन का आकार Start Menu में छोटा हो जाता है। (iv) Show clock- इसे (1) करने से Task Bar में कोने पर डिजिटल (Digital) घड़ी दिखायी देगी।

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