कार्य पद्धति के आधार पर वर्गीकरण

कार्य पद्धति के आधार पर वर्गीकरण

1. अनुरूप कम्प्यूटर ( Analog computer) -

  • एनालॉग शब्द का अर्थ है दो राशियों में अनुरूपता। 
  • एनालॉग कम्प्यूटर में किसी भौतिक राशि को इलेक्ट्रॉनिक परिपथों (Circuit) की सहायता से विद्युत संकेतों में परिवर्तित किया जाता है । 
  • एनालॉग कम्प्यूटर विद्युत स्पन्दों (Pulses) को मापकर अपना कार्य करता है । 
  • एनालॉग कम्प्यूटर अध्ययन की जा रही प्रणाली का एक मॉडल तैयार करता है। 
  • अनुरूप कम्प्यूटर में सभी प्रचालन समानांतर तरीके से होते हैं। 
  • अनुरूप कम्प्यूटर में डाटा विद्युत दाब के रूप में दर्शाए जाते हैं। 
  • इस प्रकार के कम्प्यूटर की गति अत्यन्त धोभी होती है। 
  • इनका उपयोग मुख्य रूप से तकनीकी तथा वैज्ञानिक क्षेत्र में होता था। 
  • अब इस प्रकार के कम्प्यूटर प्रचलन से बाहर हो गए हैं।

2. अंकीय कम्प्यूटर (Digital Computer)- 

  • अकीय कम्प्यूटर एक ऐसा विद्युतीय गणनात्मक उपकरण है, जो कि संख्यात्मक अथवा प्रतीकात्मक जानकारी को निर्दिष्ट गणनात्मक प्रक्रियाओं के अनुरूप बदलता है। 
  • अंकीय कम्प्यूटर, सभी प्रकार की सूचनाओं को आतरिक रूप से संख्यात्मक रूप में दर्शाने के लिए द्विआधारी अंकों (बिट्स) 0 और 1 का इस्तेमाल करता है। 
  • इनकी गति तीव्र होती है। 
  • वर्तमान में कम्प्यूटर का अभिप्राय अंकीय कम्प्यूटर से ही है।
  • प्रकार- सभी आधुनिक कम्प्यूटर जैसे पर्सनल कम्प्यूटर, नोटबुक कम्प्यूटर, पॉकेट कम्प्यूटर, पामटॉप कम्प्यूटर, वर्कस्टेशन कम्प्यूटर, मैनफ्रेम कम्प्यूटर तथा सुपर कम्प्यूटर।

3. संकर कम्प्यूटर (Hybrid Computer)- 

  • हाइब्रिड कम्प्यूटर एक प्रकार का मध्यवर्ती उपकरण है जो एक अनुरूप (Analog) output को मानक अंकों (Digital) में परिवर्तित करता है। 
  • इनमें अनुरूप तथा अंकीय इन दोनों प्रकार के संगणको की विशेषताएँ होती है। गणना तथा प्रोसेसिंग के लिए डिजिटल रूप एवं इनपुट तथा आउटपुट में एनालॉग रूप का इस्तेमाल किया जाता है। 
  • इनका इस्तेमाल चिकित्सा क्षेत्र में मुख्य रूप से होता है।

4. प्रकाशीय कम्प्यूटर (Optical Computer)- 

  • पाँचवी पीढ़ी के कम्प्यूटरों के रूप में इस प्रकार के कम्प्यूटर बनाए जा रहे हैं जिनमें एक अवयव को दूसरे से जोड़ने का कार्य ऑप्टिकल फाइबर के तारों से किया जाता है तथा इनके गणना करने वाले अवयव प्रकाशीय पद्धति पर बनाए गए हैं।

5. एटॉमिक कम्प्यूटर- 

ऐसे एटॉमिक कम्प्यूटर खोजे जा रहे हैं जो कुछ विशेष प्रोटीन अणुओं को एकीकृत परिपथ (Integrated circuit) में बदल दे और कम्प्यूटर को इतनी अधिक स्मृति (memory) क्षमता प्रदान कर दे कि ये आज के कम्प्यूटरों से 10,000 गुनी अधिक क्षमता का हो।

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